एक ऑप्शन ट्रेडर जे तौर पर जो एक महत्वपूर्ण कौशल आपके अंदर ज़रूर होना वह है अपने ट्रेडिंग खाते पर ग्राफ पढ़ने और मूल्यों में बदलाव का अनुमान लगाने की क्षमता। ExpertOption कई सारे तकनीकी विश्लेषण टूल उपलब्ध कराकर इसे काफी आसान बना देता है। यह मार्गदर्शिका आपको तकनीकी विश्लेषण से जुड़ी आधारभूत बातें सिखाएगी।

तकनीकी विश्लेषण क्या है?

तकनीकी विश्लेषण में पिछले और वर्तमान मूल्य संकेतों का प्रयोग करके भविष्य में आस्ति के मूल्य में बदलावों का अनुमान लगाना शामिल है। कई बार, आप गौर करेंगे कि आस्ति के मूल्य के वर्तमान ट्रेंड काफी कुछ पिछले ट्रेंड्स के जैसे ही हैं। इस ज्ञान के साथ, आप भविष्य के ट्रेंड्स का अनुमान लगाने की स्थिति में आ सकते हैं।

ट्रेंड्स हमेशा ग्राफ के रूप में दिखाई देते हैं। ग्राफ पर, लम्बवत अक्ष आस्ति का मूल्य दर्शाता है। दूसरी ओर क्षैतिज अक्ष समय दर्शाता है। इस प्रकार, ग्राफ को बाएँ से दाहिनी ओर खींचकर बीते हुए समय के पिछले ट्रेंड का विश्लेषण करना आसान होता है।

समय में पीछे जाने की सुविधा के कारण ऐसे ट्रेंड्स को पहचानना आसान हो जाएगा जो खुद को अक्सर दुहराते हैं। उदाहरण के लिए, आप गौर कर सकते हैं कि हर मंगलवार और बुधवार को बाज़ार खुलने के बाद बाज़ार में अप-ट्रेंड दिखाई देता है। इस सूचना के साथ, आप हर मंगलवार और बुधवार को बाज़ार खुलने के एक घंटे के आसपास, लाभदायक स्थिति खरीद सकते हैं।

बेशक, अपने मुनाफे को अधिक से अधिक बढ़ाने के लिए आपका लक्ष्य ऐसे ट्रेंड्स को पहचानना होना चाहिए जो एक ट्रेडिंग दिवस के दौरान बार बार दुहराते हैं।

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सामान्य जोखिम चेतावनी! आपकी पूँजी का जोखिम हो सकता है|

ExpertOption द्वारा उपलब्ध कराये जाने वाले चार्टों के प्रकार

ग्राफ पर मूल्यों में बदलाव चार्ट के रूप में दर्शाये जाते हैं। ExpertOption कई तरह के चार्ट उपलब्ध कराता है। आइए तीन आधारभूत चार्टों देखते हैं।

रेखा चार्ट्स

यह एक अकेली रेखा होती है जो आस्ति के मूल्य को वास्तविक समय में ट्रैक करती है। रेखा ग्राफ आपकी स्क्रीन पर बाएँ से दाहिनी ओर गति करता है। नीचे एक पारंपरिक रेखा ग्राफ का चित्र दिखाया गया है।

बार चार्ट

ये लेन-देन से जुड़े बार होते हैं। हर बार तीन तरह की सूचनाएँ दिखाता है। पहली सूचना आस्ति का मूल्य होता है, ट्रेडिंग सत्र के दौरान आस्ति किस अधिकतम और न्यूनतम मूल्य पर बिकी और सत्र की समाप्ति पर आस्ति का मूल्य। नीचे एक पारंपरिक बार ग्राफ का चित्र दिखाया गया है।

कैन्डलस्टिक चार्ट

कैन्डलस्टिक चार्ट बार चार्ट के जैसी ही जानकारी प्रदर्शित करते हैं। लेकिन, वे पढ़ने में आसान होते हैं। कैन्डलस्टिक में आयताकार बार होते हैं जिनके दोनों सिरों पर दो-दो कैन्डलस्टिक होती हैं। नीचे एक पारंपरिक कैन्डलस्टिक चार्ट का चित्र दिखाया गया है।

जब आप समझ जाएंगे कि ये तीन चार्ट कैसे दिखते हैं, तो आपको तकनीकी विश्लेषण की अगली सुविधा लेनदेन की अवधि के बारे में सीखना होगा।

लेनदेन की अवधि

यह ट्रेड में प्रवेश और ट्रेड से बाहर आने के समय को चिन्हित करता है। ट्रेड में प्रवेश के समय का मूल्य प्रारम्भिक मूल्य होता है और बाहर आने के समय का मूल्य अंतिम मूल्य होता है। लेनदेन की अवधि एक मिनट से लेकर एक माह तक हो सकती है। ExpertOption प्लैटफॉर्म पर, आप जैसा चाहे लेनदेन की अवधि को अपनी इच्छानुसार आसानी से बदल सकते हैं।

तकनीकी विश्लेषण के संबंध में लेनदेन की अवधि को समझना महत्वपूर्ण क्यों है?

चार्ट पर समयांतराल बदलकर आप केवल मिनट के लिए भी घटित किसी ट्रेंड को देख सकते हैं या आप चाहें तो लंबे समय को देख सकते हैं, जैसे कई घंटों के लिए घटित ट्रेंड्स। मान लीजिये कि आप एक विश्लेषण के दौरान एक ट्रेंड देखते हैं जिसमें मूल्य लगभग 1.5 मिनट के लिए बढ़ता है और फिर वापस पहले वाली स्थिति में आ जाता है। इस सूचना का लाभ उठाकर आप जैसे ही अप-ट्रेंड शुरू होता है खरीद करके और लेनदेन की अवधि 1 मिनट से 1.5 मिनट तक तय करके मुनाफा बना सकते हैं। इस तरह आप यह सुनिश्चित कर लेंगे कि मूल्य के वापस अपनी पूर्व स्थिति में आने से पहले आप ट्रेड से बाहर आ जाएँ।

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सार, तकनीकी विश्लेषण क्या है?

यह एक तकनीक है जिसमें आप बार-बार होने वाले मूल्य बदलावों के पैटर्न को पहचानने के लिए ऐतिहासिक चार्ट का अध्ययन करते हैं। तकनीकी विश्लेषण करते समय, तीन मुख्य बिन्दु याद रखने चाहिए।

मूल्य में उतार-चढ़ाव के बाद एक ट्रेंड बनता है और मूल्य या तो बढ़ता है या फिर घटता गौ। इसलिए आप एक ट्रेंड की पहचान तभी कर सकते हैं जबकि मूल्य या तो बढ़ना या फिर घटना शुरू हो जाए। अगर किसी आस्ति का मूल्य एक दिशा में बदलना शुरू हो जाता है, आप अपेक्षा कर सकते हैं कि यह पूर्वस्थिति में आने से पहले बढ़ता रहेगा।

इतिहास स्वयं को दोहराता हौ’। यही कारण है कि आस्ति के पूर्व में हुए मूल्य बदलावों का अध्ययन करना महत्वपूर्ण होता है। सामान्य रूप से, हर आस्ति के मूल्य में जो बदलाव होते हैं उनमें दुहराव का पैटर्न दिखाई देता है। अगर आप उन्हें पहचान लेते हैं, उनका अनुमान लगाना और उनसे मुनाफा कमाना आसान हो जाता है। अधिक परिवर्तनशील बाज़ारों के साथ काम करते समय इस नियम पर ध्यान देना अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। अगर आप परिवर्तनशील बाज़ारों में बार-बार बनने वाले पैटर्न पहचान लेते हैं तो उन ट्रेड्स को भी मुनाफेवला बना सकते हैं जिनमें ज़्यादातर ट्रेडर पैसे खो बैठेंगे।

किसी आस्ति का मूल्य कई अंतर्निहित कारकों से प्रभावित होता है। जिनमें राजनीतिक, सामाजिक-आर्थिक और प्राकृतिक कारक शामिल हैं। इसलिए यह महत्वपूर्ण हो जाता है कि आप उन कारकों की जानकारी रखें जो उस आस्ति के मूल्य को प्रभावित कर सकते हैं जिसमें आप ट्रेड कर रहे हैं।

तकनीकी विश्लेषण की आधारभूत बातों को समझ लेने से, जब आप भविष्य के मूल्य बदलावों का अनुमान लगाने का प्रयास कर रहे हों तो आपको पूरा लाभ प्राप्त होता है। तकनीकी विश्लेषण से प्राप्त सूचना का मतलब है आप या तो बाज़ार की स्थिति से बेपरवाह मुनाफा कमा सकते हैं या फिर हर बार ट्रेड लगाने पर घाटा उठा सकते हैं। यह सूचना सही मूल्य बदलावों का पूर्वानुमान लगाने में और ट्रेड कब लगानी है और कब उससे बाहर आना है यह निर्धारित करने में आपकी मदद करते हैं।

जब आप यह ज्ञान अर्जित कर लेंगे, तो आप अधिक विवेकशील मूल्य परिवर्तन मॉडल अपना पाएंगे और लागू कर पाएंगे ताकि आप अपने पूर्वानुमानों की शुद्धता को सुधार सकें।

तकनीकी विश्लेषण एक कला और एक विज्ञान दोनों ही हैं। इसमें लगातार बाज़ार के बारे में जानकारी प्राप्त करते रहना तथा उसका प्रयोग करके हर बार ट्रेड लगाने पर धन कमाने के अपने अवसरों को बढ़ाना है।

ट्रेंड रेखाएँ, समर्थन और प्रतिरोध

ExpertOption पर तकनीकी विश्लेषकों की मार्गदर्शिका से, आप जान गए होंगे कि तकनीकी विश्लेषण में बाज़ार के ऐतिहासिक आंकड़ों का अध्ययन करना शामिल है। फिर प्राप्त आंकड़ों का उपयोग भविष्य के मूल्य बदलावों का पूर्वानुमान लगाने के लिए किया जाता है। लेकिन किस तरह आप अपने लिए ग्राफ़ों और चार्टों से ये आंकड़े निकाल सकते हैं?

ट्रेंड्स पहचानना

तकनीकी विश्लेषण मार्गदर्शिका में, आपने सीखा कि मूल्य में उतार-चढ़ाव के बाद एक ट्रेड बनता है और मूल्य या तो बढ़ता है या फिर घटता है। लगातार होने वाले इस उतार चढ़ाव को ट्रेंड कहते हैं।

ऊपर दिए गए चित्र में आप गौर करेंगे कि ट्रेंड ऊपर की ओर बढ़ रहा है। साथ ही, ट्रेंड में कहीं-कहीं बहुत ज्यादा मूल्य में बढ़त (लंबी सफ़ेद कैन्डल्स से पहचाने जा सकती हैं) के बाद छोटी ट्रेंड वापसियाँ होती हैं (लंबी नीली कैन्डल्स से पहचानी जा सकती हैं)। अमपूर्ण रूप से, मूल्य में बदलाव ऊपर की ओर है।

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ट्रेंड को दो श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है

समय पर आधारित ट्रेंड्स

यह एक ट्रेंड है जो एक विशिष्ट समय सीमा के दौरान विकसित होता है। इन्हें आगे श्रेणीगत किया जा सकता है:

  • अल्पावधि ट्रेंड्स जो कुछ सेकंडों से दो सप्ताह तक चल सकते हैं
  • मध्यम-अवधि के ट्रेंड्स जो दो सप्ताह से छह माह तक चल सकते हैं
  • दीर्घावधि ट्रेंड्स जो कै महीनों से एक साल तक चल सकते हैं
दिशा संबंधी ट्रेंड्स

इनमें किसी विशेष दिशा में बढ़ते वास्तविक मूल्य में बदलाव शामिल है। इनमें सम्मिलित हैं:

  • अप ट्रेंड्स तब होते हैं जब एक सत्र के सर्वोच्च मूल्य इसके बाद आने वाले सत्र के निम्नतम मूल्य से कम होते हैं।
  • Bearish ट्रेंड्स तब होते हैं जब एक ट्रेडिंग सत्र का सर्वोच्च मूल्य पिछले ट्रेडिंग सत्र के सर्वोच्च मूल्य से अधिक होता है।
  • डाउनवर्ड ट्रेंड तब होता है जब एक ट्रेडिंग सत्र का सर्वोच्च मूल्य पिछले सत्र के निम्नतम सत्र से कम होता है।
  • समरूप या क्षैतिज ट्रेंड्स तब होते हैं जब मूल्य में बदलाव किसी एक विशेष दिशा में नहीं होते। यहाँ, पूरे सत्र के दौरान मूल्य कम या ज्यादा एक समान रहता है।

जब बाइनरी ऑप्शन्स में ट्रेडिंग कर रहे हों, तो अल्पावधि ट्रेंड्स के साथ काम करने का सुझाव दिया जाता है। ये परंपरागत ट्रेंड्स 30 से कम समय अवधि में विकसित होते हैं। लेकिन, यह भी सलाह दी जाती है, ट्रेंड्स का अध्ययन करने के लिए तकनीकी विश्लेषण की शुरुआत 60 या 120 मिनट की अवधि वाले ट्रेंड्स से करनी चाहिए। इसके बाद फिर थोड़ी कम आवधि वाले ट्रेंड्स जो कुछ मिनटों से 30 मिनटों के दौरान विकसित होते हैं, पर ध्यान देना चाहिए।

प्रतिरोध और समर्थन स्तरों की पहचान करना

ट्रेंड्स अंतत: पलटते ही हैं। इस प्रकार, आप इस परिवर्तन का अनुमान लगा पाएंगे और सही समय पर ट्रेड लगा पाएगे या ट्रेड से बाहर आ पाएंगे।

लेकिन आप ट्रेंड में परिवर्तन का अनुमान कैसे लगाएंगे?

इसके लिए ट्रेंडरेखा पर दो महत्वपूर्ण मूल्य बिन्दुओं की पहचान करनी होगी। ये दोनों बिन्दु समर्थन और प्रतिरोध स्तर हैं।

समर्थन एक ट्रेडिंग सत्र के दौरान आपकी ट्रेड लगाई हुई आस्ति का निम्नतम मूल्य बिन्दु हैं। जैसे ही आस्ति का मूल्य डाउनवर्ड ट्रेंड पर समर्थन रेखा से टकराता है, तो संभावना होती है कि मूल्य स्थिर हो जाएगा और वापस पलट जाएगा। दूसरी ओर, प्रतिरोध ट्रेडिंग सत्र के दौरान ट्रेड लगाई गई आस्ति का सर्वोच्च मूल्य होता है। अप ट्रेंड के दौरान, जब मूल्य प्रतिरोध स्तर से टकराता है तो बहुत संभावना होती है कि वो पलट जाएगा।

समर्थन और प्रतिरोध की पहचान कैसे करें

कैन्डलस्टिक ग्राफ से शुरू करें। इसका कारण यह है कि कैन्डलस्टिक अपनी नुकीली कैन्डल्स के जरिये किसी विशेष सत्र के दौरान बिल्कुल सही उच्च और निम्न मूल्य दर्शाती है।

अपने लाइन ड्राइंग टूल का प्रयोग करके, एक निम्नतम मूल्य बिन्दुओं को जोड़ते हुए चार्ट के साथ-साथ एक सीधी रेखा खींचे। दोनों रेखाएँ एक दूसरे के समानान्तर होनी चाहिए।

आपको पता होना चाहिए कि हर रेखा ट्रेंड के साथ चलते सभी उच्च/ निम्न मूल्य बिन्दुओ को छू ले यह संभव नहीं है। आप को केवल ऐसे दो समानान्तर रेखाएँ खीचनी है जो सबसे अधिक / सबसे कम मूल्य बिन्दुओं को छूती हैं।

दो समानान्तर रेखाओं के बीच की जगह को कैनल कहते हैं। यह आपकी आस्ति के मूल्य में लगभग 95% विचलन को दर्शाती है। अर्थात, औसत मूल्य Canal की चौड़ाई द्वारा दर्शाया जाता है। उदाहरण के लिए, अगर Canal की चौड़ाई 1.3656 है और आप खरीद की ट्रेड $2.477 पर लगाते हैं, तो आपकी स्ट्राइक कीमत 3.8426 से अधिक नहीं होनी चाहिए।

यह एक तरीका नहीं है जिससे कि आप समर्थन और प्रतिरोध स्तरों की पहचान कर सकते हैं।

दूसरा तरीका है जिसमें पिछले अधिकतम और न्यूनतम मूल्य का अध्ययन करना शामिल है। पिछली बातें खुद को दोहराती हैं के नियम का प्रयोग करेंगे, ऐसा बहुत कम संभव है कि भविष्य में कीमतें इन मूल्य बिन्दुओं को पार करेंगी।

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अंतत:, Round Money का सिद्धान्त आज़माने का निर्णय भी ले सकते हैं। अर्थात, अगर आपके पास $16,500 और $16,000 पर प्रतिरोध ट्रेड लगाने का विकल्प है, तो निकटतम Round मूल्य पर ट्रेड लगाना ठीक रहेगा। तब, समर्थन ट्रेड $17,000 पर ट्रेड लगाने का सुझाव रहेगा।

इस मार्गदर्शिका ने आपको सिखाया कि किस तरह तकनीकी विश्लेषण करना एक विशेषज्ञ ऑप्शन्स ट्रेडर बनने की ओर एक कदम है। आपको पता होना चाहिए कि तकनीकी विश्लेषण से प्राप्त सूचना का प्रयोग कैसे करना है ताकि आप अपने ट्रेडिंग सत्रों के दौरान ट्रेंड्स और ट्रेड सीमाओं को आज़मा सकें।

Alligator/Crocodile Indicator

Alligator Indicator मेरे पसंदीदा ट्रेडिंग टूल्स में से एक है। न केवल क्योंकि इसका नाम बहुत मज़ेदार है बल्कि इसलिए भी क्योंकि यह किस तरह काम करता है।

बिल विलियम्स इस सूचक को लेकर आए थे, जो एक सफल निवेशक और “Chaos Theory” नामक पुस्तक के लेखक हैं। इस सूचक को इसके नाम के अनुसार बने जानवर के व्यवहार के प्रतिरूप के तौर पर बनाया गया था। ये जानवर जब अपना मुंह खोलता है तो काफी आक्रामक होता है और सोते हुए बिल्कुल मंद होता है। इस सूचक का प्रयोग करके ट्रेड लगाने वाले ट्रेडर इस सूचक के सक्रिय होने पर ट्रेड लगाते हैं और इसके मंद होने पर ट्रेड लगाने से बचते हैं।
आइए करीब से देखते हैं कि यह सूचक कैसे काम करता है।

Alligator सूचक का संक्षिप्त विवरण

Alligator सूचक अलग –अलग लेनदेन वाले तीन SMMA Sliders पर आधारित होता है।

घड़ियाल के जबड़े को 13 अवधियों वाले Moving Average (SMMA) द्वारा दर्शाया जाता है। यह बार ग्राफ के औसत पर आधारित होता है। जो 8 बार ग्राफ़्स की ओर जाते हैं।
घड़ियाल के दाँत 8 अवधि वाले SMMA द्वारा दर्शाये जाते हैं जो औसत मूल्य पर आधारित होते हैं और 5 बार ग्राफ़्स की ओर जाते हैं।

घड़ियाल का मुंह 5 अवधि वाले SMMA द्वारा दर्शाया जाता है जो औसत मूल्य पर आधारित होता है और 3 बार ग्राफ़्स की ओर जाता है।

नीचे एक चित्र दिया गया है जो दिखाता है कि ExpertOption प्लैटफॉर्म पर Alligator सूचक किस तरह लगाया जाता है।

कुछ ट्रेडर्स Alligator सूचक को परंपरागत Moving Average सूचक पर वरीयता देते हैं उसका एक कारण है कि यह झूठे संकेतों को हटा सकता है। परंपरागत MA सूचक अक्सर झूठे संकेत देते हैं परिणामस्वरूप आप ट्रेड से समय से पहले/ या बाद में ट्रेड लगा देते हैं या ट्रेड से बाहर आ जाते हैं।
Alligator सूचक में एक Wake up चक्र होता है जिसके बारे में हम आगे जानेंगे।

Alligator सूचक का wake up cycle

जैसा कि इस मार्गदर्शिका की शुरुआत में बताया गया है, आपको तभी ट्रेड लगानी चाहिए जब Alligator सूचक का मुंह खुला हो। जैसा कि परंपरागत Moving Average सूचक में होता है, buy या put की ट्रेड लगाना ट्रेंड की दिशा पर निर्भर करता है।

बंद / सोता Alligator

यह तब होता है जब तीन SMMA रेखाएँ एक दूसरे को काटने के साथ-साथ मूल्य रेखा को भी काटती हैं। यहाँ बहुत कम गतिविधि के साथ बाज़ार ठहरी हुई होती है। कोई स्पष्ट ट्रेंड नहीं है।

Alligator का मुंह खोलना

यह तब होता है जब सभी तीन SMMA रेखाएँ मूल्य चार्ट के ऊपर या नीचे से जाती हैं, तो बाज़ार में प्रवेश करने का समय है। अगर वे चार्ट के ऊपर चल रही हैं, तो बिक्री करनी है और अगर नीचे से गुजरती हैं तो खरीद करनी है।

Alligator सूचक का निर्माण ट्रेडरों की सहायता करने के लिए किया गया था तक जब ट्रेंड स्पष्ट न हों तो तुक्के न लगाने पड़ें। पारंपरिक MA सूचकों की तुलना में यह एक उन्नत ट्रेडिंग टूल है। लेकिन, अगर आप इस मार्गदर्शिका में समझाई गई आधारभूत बातों को समझेंगे, तो आप इस सूचक और ट्रेड को मुनाफेदार तरीके से लागू कर पाएंगे।

 

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सामान्य जोखिम चेतावनी! आपकी पूँजी का जोखिम हो सकता है|